राजनीति

युद्ध की विभीषिका से स्थिति गंभीर होगी

युद्द से महंगाई बढ़ती है और विकास के पहिए रुक जाते है | सब चीज की परेशानी बढ़ती ही जाएगी जिसका असर सभी देशो पर पड़ेगा | वर्तमान में चलरहे अमेरिका ,इराक,ईरान इजराइल युद्द के समाचार ज्यादा सुर्ख़ियों में है | इससे समूचे विश्व में भय का वातावरण निर्मित हो रहा है | कोई अपनी हठधर्मिता से पीछे हटने को तैयार नहीं | एक देश दूसरे देश पर आर्थिकता का लाभ उठाने के चक्कर में उलझा हुआ है |कई  देश युद्ध करने वाले दोनों पक्ष को लड़ने में अंदुरनी मदद कर रहे है | ऐसा लगता है कि अब हथियारों की खेती की जाने लगी है हर कोई बेहतर उपज के लिए हथियारों की होड़ में लगा हुआ हैं |परमाणु हथियारों की होड़ और प्रयोग में पर्यावरण की चिंता नही युद्द से प्रदूषण फैलता है |जिसमे विश्वशांति,मेत्रीयता,आर्थिक परस्पर सहयोग नदारद सा होता प्रतीत होगा | यदि युद्द की सुलगती आग को समय पर ना रोका गया तो ये एक न एक दिन विश्वयुद्ध का रूप धारण कर लेगी| जिसमे जो देश शांति से बैठ कर विकास का सपना संजोए  हुए वे इन देशों को युद्ध के कारण वे बढ़ती महंगाई से आर्थिकता की चक्की में पीसे चले जाएंगे |युद्ध रोकने हेतु कोई देश ने आगे बढ़कर इसका हल बातचीत कूटनीति से निकालना होगा| 

— संजय वर्मा ‘दृष्टि’

*संजय वर्मा 'दृष्टि'

पूरा नाम:- संजय वर्मा "दॄष्टि " 2-पिता का नाम:- श्री शांतीलालजी वर्मा 3-वर्तमान/स्थायी पता "-125 शहीद भगत सिंग मार्ग मनावर जिला -धार ( म प्र ) 454446 4-फोन नं/वाटस एप नं/ई मेल:- 07294 233656 /9893070756 /antriksh.sanjay@gmail.com 5-शिक्षा/जन्म तिथि- आय टी आय / 2-5-1962 (उज्जैन ) 6-व्यवसाय:- ड़ी एम (जल संसाधन विभाग ) 7-प्रकाशन विवरण .प्रकाशन - देश -विदेश की विभिन्न पत्र -पत्रिकाओं में रचनाएँ व् समाचार पत्रों में निरंतर रचनाओं और पत्र का प्रकाशन ,प्रकाशित काव्य कृति "दरवाजे पर दस्तक " खट्टे मीठे रिश्ते उपन्यास कनाडा -अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विश्व के 65 रचनाकारों में लेखनीयता में सहभागिता भारत की और से सम्मान-2015 /अनेक साहित्यिक संस्थाओं से सम्मानित -संस्थाओं से सम्बद्धता ):-शब्दप्रवाह उज्जैन ,यशधारा - धार, लघूकथा संस्था जबलपुर में उप संपादक -काव्य मंच/आकाशवाणी/ पर काव्य पाठ :-शगुन काव्य मंच

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