डिफॉल्ट

दीवाली

दीवाली की साफ-सफाई।

दीपपर्व की खुशियाँ आई।।

भले अमीर गरीब हो कोई।

दीपपर्व सबके मन भाई।।

घर-घर होती साफ सफाई।

दिया तेल बाती भी आई।

लइया गट्टा और मिठाई।

लक्ष्मी गणेश लाते हैं भाई।।

नियति पाक-साफ सब रखते।

कैसे कह दें हम भी थकते।।

दीपपर्व से सबका नाता।

भेदभाव इसको कब भाता।।

दीवाली का पर्व अनोखा।

खट्टा मीठा या हो चोखा।।

दीपपर्व पर दीप जलेंगे।

मन के सारे मैल मिटेंगे।।

*सुधीर श्रीवास्तव

शिवनगर, इमिलिया गुरूदयाल, बड़गाँव, गोण्डा, उ.प्र.,271002 व्हाट्सएप मो.-8115285921

Leave a Reply