कविता

अधूरी जिंदगी

जिंदगी मेरी पूरी हो जाएगी
जिस दिन “तुम” मेरी हो जाओगी
पता है ऐसा नहीं हो पायेगा
मै अपनी चिरनिंद्रा में अधूरा ही जाऊंगा
पर भूल मत जाना यारा मुझको
तुम्हारे लिए ही अगले जनम में आउगा

रवि प्रभात

पुणे में एक आईटी कम्पनी में तकनीकी प्रमुख. Visit my site