गीत/नवगीत

गीत

आज हृदय ने गागर बन कर छलकाया है नाम तुम्हारा

बुझ न पाई थी प्यास की सूना हुआ हृदय सागर का पनघट
पी न पाई थी आँख स्वप्न में सरक गया मुखड़े पर घूँघट
तक ही रहा था राह कि सहसा विकल हुई दीपक की बाती
रुके रह गये प्राण कि शायद मिल जाते कदमो की आहट

इस साहिल से उस साहिल तक उस साहिल से इस साहिल तक
जाने कितनी बार लहर पर लहराया है नाम तुम्हारा
आज हृदय ने गागर बन कर छलकाया है नाम तुम्हारा

कभी मिला मेरे गीतों को सावन का लहराता बादल
कभी जेठ की तपी दुपहरिया और कभी पावस का आँचल
कभी राह की अगनाई में नीर बहती हुई बदरिया
कभी प्यार की प्यासी गागर और कभी बहता गंगाजल

इस बस्ती से उस बस्ती तक उस बस्ती से इस बस्ती तक
जाने कितनी बार हृदय ने दुहराया है नाम तुम्हारा
आज हृदय ने गागर बन कर छलकाया है नाम तुम्हारा

जग तो पल भर का मेला है कौन किसे कब अपनाता है
जिसको भी मन ने अपनाया वो ओरों का हो जाता है
कितने जप -तप किये न अब तक भेद समझ ये मनवा
जिसके हम हो गए उसी पर दूजा भी हक़ जतलाता है

इस मंजिल से उस मंजिल तक उस मंजिल से इस मंजिल तक
जाने कितनी बार डूब कर उतराया है नाम तुम्हारा
आज हृदय ने गागर बन कर छलकाया है नाम तुम्हारा

पल में बदल गया सब खेला पल में शह से मात हो गई
तल्ख हकीकत थी जो कल तक सपनो की बारात हो गई
कोई ठिकाना नही जगत का पल में क्या से क्या हो जाये
पल भर पहले भोर हुई थी पल भर में ही रात हो गई

एक सुबह से एक शाम तक इक प्रणाम से इक सलाम तक
कितनी बार गुजर कर मन तक आ पाया है नाम तुम्हारा
आज हृदय ने गागर बन कर छलकाया है नाम तुम्हारा

— डॉक्टर इंजीनियर मनोज श्रीवास्तव

*डॉ. मनोज श्रीवास्तव

1 -डॉ मनोज श्रीवास्तव (विद्यावाचस्पति) ex( pb no 2761 ) वरिष्ठ प्रबन्धक प्रशिक्षण ( 11 अप्रैल 1978 से 31 दिसम्बर 2010 ) 2 - जन्म तिथि 1 जनवरी 1951 3 - जन्म स्थान - ननिहाल में (म प्र ) जबलपुर पालन पोषण -शिक्षा-दीक्षा लखनऊ उप्र में ( भारतीय बालिका विद्यालय लखनऊ_नेशनल इंटर कालेजलखनऊ -हीवेट पॉलिटेक्निक लखनऊ स्नातक- IIIE मुंबईसे औद्योगिक अभियंत्रण में 4 -प्रकाशित साहित्य - (1 ) महज़ सुकरात का डर है (गज़ल संग्रह ) 2001 एक नुक्ता -पदम श्री स्व के पी सक्सेना जी (2 ) जयघोष ( ओजस्वी रचनाए ) 2004 आशीर्वचन पद्म विभूषण श्री गोपाल दास नीरज जी (3 ) दुनिया एक मुसाफिर खाना (अध्यात्म )2013 आशीर्वचन पद्म विभूषण श्री गोपाल दास नीरज जी avm DR KUMAR VISHVAS 5 -पूर्व में प्राप्त पुरस्कार / सम्मान आदि का विवरण - 1 दिव्य नर्मदा अलकरण अभियान -बेलगाम कर्नाटक 2003 - 2 कादंबरी पुरस्कार (स्व पं भवानी प्रसाद तिवारी ) जबलपुर 2012 6 - अन्य साहित्यिक उपलब्धियाँ उत्तर प्रदेश अंडमन -निकोबार पंजाब बिहार मप्र छत्तीस गढ़ ओडिसा दिल्ली आदि स्थानो में कवि सम्मेलनों में काव्यात्मक संचालन तथा आकाशवाणी के विभिन्न केन्द्रो एव दूर दर्शन में काव्यपाठ सरिता मुक्ता साप्ताहिक हिंदुस्तान पाञ्चजन्य उर्दू साहित्य आदि में प्रकाशित 7 - सम्पर्क सूत्र (दूरभाष सहित _ 0255 -2308055 mo no -09452063024 /08795988569 email - manoj .oj kavi @gmail . com