कविता

चौपाई

बनकर क्या पाओगे।भूखे नंगे रह जाओगे।।
बीबी बच्चे गरियायेंगे।काम नहीं कोई आयेंगे।।
अपनी इज्जत आप बनाओ।भ्रष्टाचारी तुम बन जाओ।।
सुख सुविधा का लाभ उठाओ।अपनी जय जयकार कराओ।।
छुटभैय्ए नेता बन जाओ।जब चाहो जिसको गरियाओ।।
कारागृह को घर बतलाओ।जल्दी से चुनाव लड़ जाओ।।
एक बार नेता बन जाओ।उल्टे-सीधे काम कराओ।।
धन दौलत भी खूब कमाओ।जमकर जय जयकार कराओ।।
यहाँ वहाँ मत करो दलाली।थाना कोर्ट कचहरी खाली।।
दिनभर करिए आप जुगाली।दूर रहे सारी कंगाली ।।
आप किसी से कभी न डरना।चोरी कर अपना घर भरना।।
मर्यादा को ताक पे रखना।नेताजी की शरण में रहना।।
आप मित्र यमराज बनाओ।नाचो गाओ मौज मनाओ।।
आज समय की माँग यही है।मैं कहता जो बात सही है।

*सुधीर श्रीवास्तव

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