रक्तबीज
मत बुलाइये किसी अनपढ़ नेता को
किसी विद्यालय के किसी कार्यक्रम में,
उनसे संपर्क तभी करें
जब लगे कि हां संविधान की मूल भावना
से वाकिफ़ है थोड़े बहुत,
भले ही रहा हो वो वहां का छात्र भूत,
वो आएगा,
नारे लगाएगा,
भावनाओं को भड़कायेगा,
वो चाहेगा झंडा गाड़ना,
ऐसों का लिहाज न करते हुए
बिना झिझक उसे लताड़ना,
दरअसल ऐसे लोग नेता न होकर
किसी भी मुद्दे से तत्काल लाभ लेने वाले
खुदगर्ज होते हैं,
जो समाज में बेवजह जहर बोते हैं,
ये कभी समाज को संभालने के लिए नहीं होते,
बहती गंगा में हाथ है धोते,
इन्हें सिर्फ इतना पता होता है कि
माहौल को कैसे बिगाड़ा जाए,
जल्द स्वार्थपरक तंबू गाड़ा जाए,
ये जब जब समाज के बीच जाएंगे,
अपने जैसा रक्तबीज ही बनाएंगे।
— राजेन्द्र लाहिरी
