धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

दस पंद्रह दिन का तेल मिल गया- बेटू को कॉपी दिलाऊंगा अब

एक पिता ये सोचेगा चलो दस पंद्रह दिन का अब तेल हो गया भोजन बनाने के लिये अब जो पैसे बचेंगे उससे अपने बेटे को कॉपी-पेंसिल दिला दूंगा, पिछले पंद्रह दिन से बच्चा बोल रहा दिलाने को पर दिहाड़ी मजदूर मैं कहॉं से लेकर दूं? अब जो पैसे बचेंगे तेल के उससे अपने बच्चों को कॉपी दिला सकता मैं। जरा इन लाईनों को गौर से पढ़े, रूह से पढ़े और अपने अंतर मन को उस पिता की जगह रख कर देख, दूरदृष्टी डालकर सोचें की यदि हम उस पिता की जगह होते और ये सब हमारे और हमारे बच्चों के साथ होता तो? 

हिन्दू हूॅं मैं, सनातनी हूॅं मैं, राम नाम संग समस्त देवी-देवताओं को रोज़ पूजती भी हूॅं मैं और मोदी का परिवार भी हूॅं मैं- अब आप सभी पाठक सोचेंगे इसमें नई बात क्या है? वो तो समस्त हिन्दू करते हैं। तो आपके सवाल का जवाब मैं देती हूॅं – हॉं समस्त हिन्दू सनातनी होने का हर धर्म निभाते हैं, पूजा-पाठ भी करते हैं ठीक वैसे ही जैसे मैं करती हूॅं। अब आती हूॅं असल बात पर- 

*मैं किसी भी बात का ना तो विरोध कर रही हूॅं और ना ही किसी प्रकार का हस्तक्षेप।*

बात असल में ये है कि अभी-अभी अपने टेलीविजन पर ख़बरें सुन रही थी विभिन्न खबरों के मध्य एक खबर यह आई की श्री राम की भव्य नगरी बनने के बाद जिस तरह लाखों दियों से अयोध्या नगरी को रोशन किया गया था ठीक उसी तरह इस वर्ष भी अयोध्या नगरी में 26 लाख ग्यारह हजार दियों को जलाकर पुनः गिनिज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का निर्णय लिया गया है, सुन कर मन बहुत प्रसन्न हुआ। तभी मुझे एक बात याद आई की जब गत वर्ष दिये जलाए गये थे तो उस समय समस्त दियों में भरपूर तेल भरा गया था। परंतु जो तट पर दिये जलाए गये थे उनमें से बहुत से दिये-

*बहती हवा के वेग से आधे-अधूरे जले और वह बुझ गये*

दूसरे दिन उसी तट पर बहुत से मजदूर वर्ग के छोटे-छोटे बच्चे, महिलाएं जो की दुधमुंहे शिशु को गोद में उठाए हुए बुझे हुए दियों से तेल प्लास्टिक के डब्बे व कुछ बच्चे तो पन्नियों में अधजला तेल इकट्ठा कर रहे थे। मैंने आज वर्ष *2025 1 सितंबर* को पुनः खुद इस खबर की पुष्टि करने के लिये गुगल साईट और यू-टयूब पर विभिन्न विडियो को देखा और हॉं मुझे प्राप्त पिछली जानकारी अनुसार, समस्त जानकारी सत्य थी। ग़रीबी, पेट की भूख, नये कपड़ों के सिर्फ सपने ये सब क्या होता है, ये सिर्फ एक गरीब बच्चा ही बता सकता- जिनके लिये वो जला तेल भी बहुत बेशकीमती है। कम से कम कुछ समय तेल खरीदने के पैसे बचे और उससे उसकी कोई ख्वाहिश पूरी हो जाए या दो टाईम भर पेट खाना खाने को मिल जाए। 

सच वर्ष 2025 में जब अयोध्या में फिर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की जो तैयारी 26.11 लाख दियों को जलाने की तैयारी चल रही उसने मुझे पीछे धकेल दिया मतलब गत वर्ष की खबरों को पढ़ने और विडियो देखने के लिये। मन लिखते-लिखते भर आया। 

काश ऐसा हो जाए, श्री राम की तरह उनके पदचिन्हों पर चला जाए अर्थात  26.11 लाख दियों का खर्चा, तेल का खर्चा, बाती और माचीस का खर्चा समस्त खर्चों को जोड़ जो बजट बने उससे हमारे ही देश की गरीब प्रजा को आधा लीटर या उससे कम तेल की एक-एक बोटल देकर गिनिज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया जाए। 

— वीना तन्वी

वीना आडवाणी तन्वी

गृहिणी साझा पुस्तक..Parents our life Memory लाकडाऊन के सकारात्मक प्रभाव दर्द-ए शायरा अवार्ड महफिल के सितारे त्रिवेणी काव्य शायरा अवार्ड प्रादेशिक समाचार पत्र 2020 का व्दितीय अवार्ड सर्वश्रेष्ठ रचनाकार अवार्ड भारतीय अखिल साहित्यिक हिन्दी संस्था मे हो रही प्रतियोगिता मे लगातार सात बार प्रथम स्थान प्राप्त।। आदि कई उपलबधियों से सम्मानित