कविता

कविता – श्री नरेंद्र मोदी जी को शुभकामनाएं

हमारे यशस्वी अलोकिक माननीय श्री नरेंद्र मोदी जी को आज जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं और मेरे कुछ शब्द–

किसी को आज आना है किसी को कल चले जाना है
-दास्ताने ज़िन्दगी का यही एक फसाना है
इस फसाने में एक नगीने ने अलग ही राग अलापा है
लोग पानी से आग बुझाते हैं उसे पानी में आग लगाना है।
कांटों पर नंगे पैरों से वह मंजिल पार कर सकता है
अंगारों में तप कर भी वह इरादे नहीं बदल सकता है
लगता है किसी नक्षत्र से देवों ने शक्ति दूत को धरा पर भेजा है
आम इंसान क्या इस उम्र में इतना दम भर सकता है।
आओ मिलकर अपने भाग्य को सरहाएं हम
ईश्वर के आगे नतमस्तक होकर उनकी लंबी आयु के लिए दुआएं मनाये हम।
— अशोक गुप्ता (आटे वाले)

अशोक गुप्ता

साहिबाबाद निवासी, आटे-अनाज के व्यापारी, मंचों पर कवितायेँ भी पढ़ते हैं.