मुस्कान
मुस्कान है मन की शक्ति,
हर दर्द की ये सच्ची सखी।
अंधकार में उजास की किरण,
जीवन का सबसे सुंदर गगन।
भटके राही को दिशा दिखाए,
आंसू के सागर में दीप जलाए।
ठंडी हवा की तरह सहलाए मन,
मुश्किल को भी बना दे सरल क्षण।
जब होंठों पर चुपके से सजती है मुस्कान,
लाखों प्रार्थनाओं के मिल जाते हैं बयान।
जैसे दिलों से जाते सब ग़म,
मुस्कान में छुपा है रूह का परम।
मुस्कान से ही बनता रिश्ता नया,
बिना शब्दों के मन बोले हया।
यह दुआ है, यह दवा है,
यह सबसे सुंदर सज़ा है।
चलो, बाँटते चलें मुस्कान हर ओर,
दुनिया होगी रोशन, मिटेगा हर शोर।
क्योंकि मुस्कान है जादू सा मीत,
इसी में बसा है जीवन का गीत।
— अनीता मिश्रा सिद्धि
