मुस्कान
मुस्कान है मन की शक्ति,हर दर्द की ये सच्ची सखी।अंधकार में उजास की किरण,जीवन का सबसे सुंदर गगन। भटके राही
Read Moreबहुत छली हूँ , अब नहीं छलना । ऐ ! मेरे मन , अब नहीं डरना। संत्रासों के घेरे में
Read Moreरिश्तों में घिसती आयी मेंहन्दी की तरह पिसती आयी । मैं ही सँभालूँ रिश्ते तुम क्यों नहीं? तुम्हारे घर वाले
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