मां
मां तेरे चरणों में मेरा जीवन है
करती हो दुख दूर तेरी ताकत है
प्यारा रूप तुम्हारा दिल को बातों है
मां चंद्रघंटा के मस्तक पर चंद विराजे है
नौ रूपों में आती नवरात्रि में मां है
दस भुजा वाली सिंह की सवारी है
निर्बल को सहारा देती कृपा करती है
सारे सृष्टि की रचना मां ने की है
तेरी पूजा से मन को शांति मिलती है
बिन मागें सब मिलता जब कृपा करती है
दुष्टों , दानवों का मां संहार करती है
मां के चरणों में बारम्बार प्रणाम है.[…]
— पूनम गुप्ता
