कविता

चिड़िया

उड़ती चिड़िया आसमान में
दोनों पंख फैलाए।
छोटी सी अपनी चोंच से
दाना-दाना चुग खाएं।
अपने पंख फैलाए उड़ती
पूर्व से पश्चिम
उत्तर से दक्षिण
हर कोने पर
अपना हक़ जमाती।
डाल-डाल पर
पात-पात पर बैठ
अपना मधुर गीत
सबको सुनाती।

— डॉ. राजीव डोगरा

*डॉ. राजीव डोगरा

भाषा अध्यापक गवर्नमेंट हाई स्कूल, ठाकुरद्वारा कांगड़ा हिमाचल प्रदेश Email- Rajivdogra1@gmail.com M- 9876777233