कविता

जय मां जगदम्बे

सूरज की पहली किरण
मंद प्रकाश बिखेरे
धरती मुस्काए

फूलों की कोमल खुशबू
हवा में घुलती जाए
मन को सुकून दे

नदी की कल-कल धारा
पत्थरों से टकराकर
जीवन का गीत सुनाए

हवाओं का कोमल झोंका
पेड़ों की शाखों में
सुरों का जाल बुनता है

चिड़ियों की मधुर चहचहाहट
भोर की शांति में
आनंद घोलती है

बरसात की बूँदें
धरा को प्रेम से भरें
हरियाली नाच उठे

चाँद की चाँदनी
रात को नर्म कर दे
सपनों को सजाए

पर्वत की विशालता
मन को विस्तार दे
शांति का संदेश लाए

मां जगदम्बे की आरती
दिल को प्रेम से भरे
आशा की ज्योति जगाए

सफलता, स्वास्थ्य और प्रेम
सद्भाव और खुशियाँ
सदा बनी रहें

— डॉ. अशोक

डॉ. अशोक कुमार शर्मा

पिता: स्व ० यू ०आर० शर्मा माता: स्व ० सहोदर देवी जन्म तिथि: ०७.०५.१९६० जन्मस्थान: जमशेदपुर शिक्षा: पीएचडी सम्प्रति: सेवानिवृत्त पदाधिकारी प्रकाशित कृतियां: क्षितिज - लघुकथा संग्रह, गुलदस्ता - लघुकथा संग्रह, गुलमोहर - लघुकथा संग्रह, शेफालिका - लघुकथा संग्रह, रजनीगंधा - लघुकथा संग्रह कालमेघ - लघुकथा संग्रह कुमुदिनी - लघुकथा संग्रह [ अन्तिम चरण में ] पक्षियों की एकता की शक्ति - बाल कहानी, चिंटू लोमड़ी की चालाकी - बाल कहानी, रियान कौआ की झूठी चाल - बाल कहानी, खरगोश की बुद्धिमत्ता ने शेर को सीख दी , बाल लघुकथाएं, सम्मान और पुरस्कार: काव्य गौरव सम्मान, साहित्य सेवा सम्मान, कविवर गोपाल सिंह नेपाली काव्य शिरोमणि अवार्ड, पत्राचार सम्पूर्ण: ४०१, ओम् निलय एपार्टमेंट, खेतान लेन, वेस्ट बोरिंग केनाल रोड, पटना -८००००१, बिहार। दूरभाष: ०६१२-२५५७३४७ ९००६२३८७७७ ईमेल - ashokelection2015@gmail.com