नई सुबह होगी ज़रूर
ओस की बूँदें
हरे पत्तों पर चमकतीं
सपनों की राह
पुरानी रात छिपी
अंधकार धीरे-धीरे
रोशनी मुस्काए
नीली हवा बहती
झूलती हैं शाखें पेड़ों की
खुशियों का गीत
सूरज की किरणें
फूलों पर सुनहरी छाया
नया दिन जागे
पंछियों का मधुर
संगीत आकाश में उठे
मन में उमंग जागे
धुंध धीरे-धीरे
सपनों ने हाथ थामा
विश्व में प्रेम फैले
चलते पथ पर हम
हौसलों की लौ जलाएँ
संघर्ष हंसी बने
हर बूंद बारिश की
धरती को जीवन दे रही
नई राह दिखाए
समय का पहिया
निरंतर चलता रहे
सुख-दुःख सिखाए
शांति की अनुभूति
मन की गहराई में बसे
सद्भाव पनपे
नई सुबह होगी
अंधकार पीछे छूटे
आशा संग चले
हर सुबह संदेश
सपनों और विश्वास का
जीवन में चमके
— डॉ. अशोक
