कविता

कविता

पूर्ण चाँदनीवाली
एक
शांत रात में,
ठंडी अँधेरों में
लिपटी छोटी सी झोपड़ी में,
जब तक तुम आनेवाले
रास्ते पर हो,
यह दिन खाली नहीं है
तुम्हारी यादों से भरा है।

— अमन्दा

एस. अमन्दा सरत्चन्द्र

श्री लंका