कविता – उत्कृष्ट उत्कर्ष नववर्ष
नूतन भावनाएं, कामनाएं
नवीन नवनीत नव वर्ष ।
मिले हार्दिक शुभकामनाएं
लाता है कितना संग हर्ष ।।
सुख – समृध्दि का उत्कर्ष
बनाने हर पल सरल सरस।
विकास पथ पर चलें जन
छूटे काम पूरे हो इस वर्ष ।।
फैले उजियारा समरस का
छुए हम सफलता का अर्श ।
खुशहाल रहे जन-मानस
उत्कृष्ट, उत्कर्ष लाएं नववर्ष।।
— गोपाल कौशल भोजवाल
