नववर्ष : उत्सव नहीं,आत्मपरीक्षण
हर वर्ष बारह महीनों के बाद नववर्ष आता है। तारीख बदलती है, कैलेंडर बदलता है, मोबाइल पर शुभकामनाओं की बाढ़ आ जाती है—पर क्या सच में कुछ बदलता है? यदि परिवर्तन केवल संदेशों, स्टेटस और औपचारिक मुस्कानों तक सीमित रह जाए, तो नववर्ष केवल एक भ्रम बनकर रह जाता है।
यदि हम संकल्प लेते हैं, तो उसका उद्देश्य निश्चित होना चाहिए। संकल्प केवल बोलने या लिखने की वस्तु नहीं है, वह जीवन में उतरने की माँग करता है। जो संकल्प पूरे करने की ईमानदार कोशिश न करे, उसके लिए नववर्ष का कोई अर्थ नहीं। ऐसे में नववर्ष आते रहेंगे और हम ज्ञान के मार्ग से उतरकर आज्ञा और अंधानुकरण के गर्त में गिरते रहेंगे।
आज का समाज चारों ओर से हाहाकार से भरा है। युवा भटक रहे हैं, व्यभिचार सामान्य होता जा रहा है, रिश्ते खोखले हो चुके हैं, संवेदना दिखावे में बदल गई है। पशु और पक्षी आज भी अपने स्वभाव में स्थिर हैं—वे न छल जानते हैं, न स्वार्थ की गणना। पर मनुष्य, जो विवेकशील कहलाता था, अपने मानव-धर्म से फिसलकर पशुता की ओर बढ़ चला है। यह पतन अज्ञानता का नहीं, आत्मविस्मृति का परिणाम है।
ऐसे में प्रश्न उठता है—हम किसको नववर्ष की बधाई दे रहे हैं? किस उपलब्धि पर हम नववर्ष का स्वागत कर रहे हैं? क्या नववर्ष का अर्थ केवल इतना ही रह गया है कि हम एक-दूसरे को औपचारिक शुभकामनाएँ भेज दें, जबकि हृदय में अंधकार हो, आचरण में कालिख हो और दृष्टि में स्वार्थ?
यदि भक्ति केवल शब्दों में है और करुणा व्यवहार में नहीं, यदि नाम-जप होठों तक सीमित है और जीवन में दया, सहानुभूति, ममता का स्थान नहीं, तो वह भक्ति भी आत्म-प्रवंचना बन जाती है। नववर्ष हमें मंदिरों की संख्या बढ़ाने नहीं, मनुष्यता की मर्यादा बचाने का संदेश देता है।
नववर्ष का स्वागत आतिशबाज़ी से नहीं, आत्म-परीक्षण से होना चाहिए। यह स्वयं से पूछने का समय है—क्या मैं इस वर्ष थोड़ा अधिक संवेदनशील हुआ? क्या मैंने किसी के दुःख को समझा? क्या मैंने अपने आचरण से समाज को कुछ सकारात्मक दिया?
यदि इन प्रश्नों के उत्तर नकारात्मक हैं, तो नववर्ष केवल एक तिथि है, उत्सव नहीं। पर यदि हम अपने भीतर झाँककर एक छोटा-सा भी परिवर्तन लाने का साहस कर लें, तो वही नववर्ष का वास्तविक अर्थ होगा।
नववर्ष शुभकामनाओं का नहीं, जागरण का पर्व है।
जब तक यह चेतना नहीं आएगी,
तब तक नववर्ष आते रहेंगे—
और हम स्वयं से दूर होते चले जाएँगे।
— डॉ. निशा नंदिनी भारतीय
