ग़ज़ल
रास्ता इस तरह जुदा न करो
प्यार की ऐसी इन्तिहा न करो
हौसला गर नहीं जिगर में है
तबकठिनकोई इब्तिदा न करो
बद जगह भूल कर नहीं जाना
बे वफा से कभी मिला न करो
डर तुम्हारा अदू की हिम्मत है
तुम डराने से यूँ डरा न करो
ईंट का दो जवाब पत्थर से
ज़ुल्महरगिज़ कभीसहा नकरो
— हमीद कानपुरी
