हास्य व्यंग्य

सामाजिक संतुलन के ताने बाने को तार-तार करने के लिये

सबका साथ सबका विकास! बटोगे तो कटोगे! एक रहो सेफ रहो! जैसे जुमलों के बीच एक नये लल्ला का जन्म हुआ है जिसका नाम है सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास इसी के साथ 2047 तक देश को विकसित बनाने के लिये मांसपेशियों में लाल तेल से मालिश भी शुरू कर दी गयी है ताकि 2047 तक देश पूरी तरह से अपने पैरों पर खड़ा हो सके और दुनियां के हर क्षेत्र में मैराथन दौड बिना थके बिना रूके लगा सके। इन दिनों हस्तिनापुर के राजमहल में शकुनियों द्वारा राजनीति के चौसर पर पांसे पर पांसे फेके जा रहे हैं, उधर धृतराष्ट्र भी दुर्योधन के समर्थन में मौन साधे हैं और माता गान्धारी की आंखों पर पहले से ही पट्टी बंधी हुई है उनको तो कुछ दिखाई ही नही दे रहा! उधर कौरव सेना के एक सिपाही ने मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में 23 नवम्बर 2025 को आयोजित एक विशेष वर्ग की सभा में सामान्य वर्ग की बेटियों पर बुरी सोंच रखने वाले एक आईएएस ने अपना मसूबा खुले मंच से साझा कर दिया तो पाण्डवों की सेना के कुछ सिपाहियों ने विरोध शुरू कर दिया तो आईएएस ने अपने बयान को तोड़ मरोड़ कर सफाई देना शुरू कर दिया, उधर हस्तिनापुर के राजमहल में पाण्डव शकुनियों के जाल में फंस चुके थे और अपना ईमान, धर्म स्वाभिमान सब कुछ दांव पर लगा कर हार चुके थे तो दिसंबर 2025 में 40 से 50 लोगों की एक टुकडी सेना अपने समाज के प्रति चिंता जाहिर करने के लिये एक बंद बैठके में बैठक की और पता नही किन- किन मुद्दों पर आपस में अपनी बात कही किंतु धृतराष्ट्र के दीदे कहीं लाल न हो जायें इस बात का पूरा ख्याल रहा इसलिये दोबारा अपना साहस दिखाने की हिम्मत न जुट सके ? क्योंकि राजमहल के छप्पन भोगों का सुख भी तो इन्हे भोगना था।

13 जनवरी 2026 को हस्तिनापुर के राजमहल में विराजमान शकुनियों ने भारत को विकसित करने एवं भारत का एकतरफा विकास करने के लिये एक गगनचुम्बी तथा स्वर्ग में सीढ़ी लगाने के लिये एक नये विमान का आविस्कार किया इस विमान की यह खासियत है कि इस पर आरूढ़ मानव भारत के मेंडिकल कालेजों में स्नातक चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिये बड़ी सुगमता एवं बडी सरलता से रथ में जुते घोड़ों के सहारे अन्दर तक पहुंच सकता है और बिना चीरा टांका लगाये शरीर विज्ञान में बड़ी उपाधि हांसिल करके धरती का भगवान बन सकता है। इस विशेष रथ को लेकर कुछ दिनों तक चर्चित चैनलों पर कांव-कांव हुआ जिसमें से एक वक्ता ने कहा कि ऐसे रथ का सहारा लेकर यदि मेंरा बेटा भी डाक्टर बन जाये तो भी मैं अपना उपचार उससे नही कराउंगी फिर भी यह वक्तव्य हस्तिनापुर की राजगद्दी वालों को न सुनाई पड़ा न ही कुछ दिखाई पड़ा क्योंकि उनको देश को विकसित करना है। अभी शरीर विज्ञान में शल्य कार्य चल ही रहा था कि इसी बीच रियासत में 13 जनवरी 2026 को एक नया फरमान जारी हो गया जिसमें मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में 23 नवम्बर 2025 को आयोजित एक विशेष वर्ग की सभा में सामान्य वर्ग की बेटियों पर बुरी सोंच रखने वाले एक आईएएस की बात को पूरी तरह से लागू करने के लिये अप्रत्यक्ष रूप से उसके समर्थन में विश्व विद्यालय अनुदान आयोग का गठन कर दिया गया तो इससे सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राएं भूत बैताल और शैतान नजर आने लगे तो रियासत के सामान्य वर्ग के तमाम लोग धृतराष्ट्र को गरियाने और कोसने लगे साथ में यह भी कहने लगे कि सबका साथ सबका विकास का जुमला सुनाकर व कर्णप्रिय राग अलाप कर एक वर्ग के विनाश की ऐसी पठकथा लिखी कि उनके बच्चों को मानसिक रूप से विकलांग एवं सामाजिक रूप से दोषी करार कर दिया इस बिल को लेकर कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि धृतराष्ट्र की उल्टी गिनती शुरू हो गयी। उधर हस्तिनापुर के राजमहल में सिर झुकाये बैठे पांडवों को उनके समर्थक चूंडी और साड़ी भेज रहें है यह कहकर कि तुम्हारा गाण्डीव, तुम्हारी गदा, और तुम्हारी नीति अपने समाज के किसी काम की नही भरी सभा में दुशासन के द्वारा चीरहरण किया जा रहा है और तुम सब अपने समाज की नाक कटाकर मुंह छुपाये बैठे रहे इसी बीच कुछ अनुयायिओं का जमीर जाग उठा तो अपने को धिक्कारते हुये उनसे अलग हो गये और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के खिलाफ लामबंद हो गये।

सामान्य वर्ग के लोगों की प्रतिष्ठा मिटाने के लिये एवं उनको समाज में नीचा दिखाने के लिये हस्तिनापुर के धृतराष्ट्र को आरक्षण का कहर कम नजर आने लगा था क्योंकि सामान्य वर्ग को किसी प्रकार की राजकीय सहायता भी नही दी जा रही है फिर भी इनके बच्चे रातोदिन कठिन परिश्रम करके उच्च से उच्चतम स्थान प्राप्त कर ही लेते हैं यही बात हस्तिनापुर के धृतराष्ट्र कोे नागवार गुजर रही थी इसलिये सामाजिक संतुलन के ताने बाने को तार-तार करने के लिये और आपसी भेद भाव की सुलग रही आग में घी डालने के लिये यूजीसी जैसे कानून को सामान्य वर्ग के छात्रों पर जबरन थोप दिया गया इसमें एक वर्ग को सुरक्षा कवच देकर दूसरे वर्ग को खतरे में डाल दिया जिसके कारण पूरे देश के सर्वणों के अन्दर एक ज्वाला भड़क उठी लोगों का कहना है कि शासन के लोग सामान्य वर्ग के विनाश पर तुले हुए हैं और यह स्पष्ट कर दिया कि समाज में सबसे ज्यादा दोषी सामान्य वर्ग के ही लोग हैं! यही नही हस्तिनापुर के एक विश्व विद्यालय में ब्राम्हणों भारत छोंडो नारे लगाये जाते हैं यह कृत्य बिना सत्ता के समर्थन के संभव नही हो सकता है आखिर ओ कौन लोग हैं ? जिनको सिर्फ देश के सामान्य वर्ग के लोगों से ही नफरत है और क्यों है? क्योंकि वर्तमान में सामान्य वर्ग ने सबकुछ तो अपना न्यौछावर कर दिया है शिक्षा से लेकर चुनाव तक वर्तमान में सबकुछ आरक्षित है फिर सामान्य वर्ग के लिये इतना जहर आखिर क्यों ? पिछले 70 सालों में सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं को भारतीय शिक्षा से विश्ववास उठ गया है क्योंकि यहां पर योग्यता का कोई मूल्य नही है। उधर सामान्य वर्ग के कुछ लोग इस दिशा के बारे में सोंच कर अपनी दशा को आंकते हुए अभागा एवं अनाथ जैसे शब्दों से खुद को सम्बोधित कर रहें हैं और अपने आपको ठगे जाने की अनुभूति कर रहे हैं।

अब देखना है कि कथित रामराज में आने वाले समय में दिगदिग्तंर में स्वच्छंद विचरण करने के लिये अश्वमेघ यज्ञ की तैयारी चल रही है इसको लेकर हिन्दू एकता, सनातन, धर्म, स्वरोजगार, नौकरी जैसे शब्दों की ढाल बनाकर दशों दिशाओं में अपनी सूर्य पताका फहराने का संकल्प तेजी से लिया जा रहा है, अब देखना यह कि अश्ववमेघ यज्ञ के घोड़ों को पकड़ने के लिये बाल्मीकि कोई लवकुश भेजेगें। उधर हस्तिनापुर में हुए चीरहरण को लेकर पाण्डव सेना लेते हैं या कोई केशव खोजते हैं सारथी बनाने के लिए क्योंकि अब दर्द जुबान पर आ चुका है इसका निर्णय भी समय के गर्भ में पल रहा है। सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास और सर्वणों का विनाश लक्ष्य की प्राप्ति के लिये क्या बहुत महत्वपूर्ण हो चुका है।

  • राज कुमार तिवारी ”राज”

राज कुमार तिवारी 'राज'

हिंदी से स्नातक एवं शिक्षा शास्त्र से परास्नातक , कविता एवं लेख लिखने का शौख, लखनऊ से प्रकाशित समाचार पत्र से लेकर कई पत्रिकाओं में स्थान प्राप्त कर तथा दूरदर्शन केंद्र लखनऊ से प्रकाशित पुस्तक दृष्टि सृष्टि में स्थान प्राप्त किया और अमर उजाला काव्य में भी सैकड़ों रचनाये पब्लिश की गयीं वर्तामन समय में जय विजय मासिक पत्रिका में सक्रियता के साथ साथ पंचायतीराज विभाग में कंप्यूटर आपरेटर के पदीय दायित्वों का निर्वहन किया जा रहा है निवास जनपद बाराबंकी उत्तर प्रदेश पिन २२५४१३ संपर्क सूत्र - 9984172782