कविता

याराना

हर लम्हा सुहाना होगा
तेरा हंँसना और फिर
देखकर तुम्हें
मेरा मुस्कुराना होगा।

माना कि हम कुछ भी नहीं
मगर तुम्हारे सिर के ताज़ पर
हर पल हमारा पहरा होगा।

मैं हार भी जाऊं
तुम्हें जीतने के लिए
तो भी तेरे सपनों में
एक अफसाना होगा।

एक तलब है तुम्हें हर पल
मुस्कुराते देखने की
अगर मैं मिट भी जाऊं
तो भी ये मेरा याराना होगा।

— डॉ. राजीव डोगरा

*डॉ. राजीव डोगरा

भाषा अध्यापक गवर्नमेंट हाई स्कूल, ठाकुरद्वारा कांगड़ा हिमाचल प्रदेश Email- Rajivdogra1@gmail.com M- 9876777233