तुमसे मिलना
तुमसे मिलना
जैसे सूर्य रश्मियां ,
आई हो आंगन में ।
जैसे कोई चिड़िया
उड़ी हो आसमान में ।
फूटा हो कोई कोंपल ,
हिचकी आई हो
किसी की याद में।
तुमसे मिलना
जैसे
आ गया हो
नील गगन में चाँद।
तुमसे मिलना
जैसे मिलना
खुद का
खुद ही से।
— विकास कुमार शर्मा
