दिल अपनों की तलाश में हैं
अधूरी रातें
सन्नाटे में गूँज उठे
दिल की आवाज़
सपनों की राह
अजनबी मंज़िलों में
खोया सफ़र
साया कहीं दूर
संग-साथ का इंतज़ार
मन अकेला
हवा में खुशबू
मिलन की आस जगाए
दिल धड़कता
आँखों में नमी
यादों की परछाई रहे
साया अपनों का
चाँद की रोशनी
सफर को रौशन करे
अंधेरा घटे
फूलों की मुस्कान
सांत्वना देती राह पर
आशा जगाए
पथरीली राहें
चलते-चलते थक जाएँ
मगर उम्मीद रहे
सुरभित बहार
दिल को मिलन की राह दिखाए
सपने सजाएँ
गीतों की लय
मन की तन्हाई में बजे
सुकून लाए
हर कदम पर
साथ की तलाश रहे
दिल न हारे
— डॉ. अशोक
