सहारा
जहाँ से चले थे फिर वहीं लौट आये
बचपन में लड़खड़ाते थे तो कोई थाम लेता था
देकर अपना सहारा
अब फिर वहीं हालात हो गए हैं
डर लगता है कहीं गिर न जाये
कोई दे दे आकर फिर सहारा.
जहाँ से चले थे फिर वहीं लौट आये
बचपन में लड़खड़ाते थे तो कोई थाम लेता था
देकर अपना सहारा
अब फिर वहीं हालात हो गए हैं
डर लगता है कहीं गिर न जाये
कोई दे दे आकर फिर सहारा.