हाइकु/सेदोका

आयकू


(वार्णिक छंद) 
(विधान -कुल चार पंक्तियाँ, क्रमशः १,२,३,४ वर्ण)


बाहर 
भीषण गर्मी 
बचकर रहिए आप 
नहीं तो झुलस जाएंगे।

युद्ध 
पड़ रहा 
विश्व पर भारी
कुछ करें मिल -जुलकर।

सुबह 
आए यमराज 
हमारे भरोसे भैसा
छोड़कर फ़ुर्र हो गए।

मानो
मेरी बात 
मत करना तकरार 
मुश्किल में होगी सरकार।

जानते 
नहीं मुझको 
यमराज मेरा यार 
बेकार है सब हथियार।

अपने 
माता- पिता 
दादा -दादी संग 
बनता है अपना परिवार।

संवेदनाएं
मर गई
आज मानव की
हम कहाँ जा रहे।

*सुधीर श्रीवास्तव

शिवनगर, इमिलिया गुरूदयाल, बड़गाँव, गोण्डा, उ.प्र.,271002 व्हाट्सएप मो.-8115285921

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