प्रो. शरद नारायण -नीलम खरे को बेहतरीन सिंगिंग के लिए किया गया तिलकवंदन व अंगवस्त्र से सम्मानित
मंडला- दत्त मंदिर में स्वरवीणा म्युजिकल ग्रुप जबलपुर द्वारा कराओके म्युजिक पर गीत गायिकी का शानदार आयोजन हुआ,इसका संयोजन छाया तिवारी जी ने किया,जिसमें क्षेत्र के श्रेष्ठ गायक-गायिकाओं ने अपनी शानदार प्रस्तुतियां दीं।एक से बढ़कर एक सदाबहार नग़मों की सौगात पेश की गई।लोग झूम उठे।इस कार्यक्रम में मंडला की सुपरिचित गायक दम्पति जोड़ी प्रो.शरद नारायण खरे -नीलम खरे ने दो युगल गीत गाकर समां बाँध लिया,और आयोजकों सहित सभी से प्रशंसा अर्जित की।पहला गीत था-पुरवैया लेके चले मेरी नैया जाने कहाँ रे।और दूसरा था -तेरी मोहब्बत ने दिल में मक़ाम कर दिया।इन गानों को इस युगल ने उल्लास व जोश के साथ जब गाया तो श्रोता व आयोजक वाह-वाह किए बिना न रह सके।यह युगल वर्षों से गायिकी कर रहा है।आयोजक छाया तिवारी जी ने श्री किशोर तिवारी जी के साथ मिलकर प्रोफेसर शरद नारायण खरे व नीलम खरे का तिलक वंदन कर तथा अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।मुख्य अतिथि के रूप में रतलाम के त्रक धा म्युजिकल ग्रुप के देव सर ने प्रशस्ति पत्र भेंट किया।
प्रोफेसर शरद नारायण खरे व श्रीमती नीलम खरे अरसे से साहित्य व गायिकी से जुड़े हैं,व ऑफलाइन व ओनलाइन कार्यक्रमों में सिंगिंग करते रहते हैं।उन्हें ख़ूब सराहा भी जाता है।साहित्य जगत में वे पत्र-पत्रिकाओं, मंचों,रेडियो,टीवी चैनलों पर अपनी प्रस्तुतियां देते रहते हैं। सिंगिंग में डुएट्स गायन में दोनों का तालमेल व आपसी केमिस्ट्री सदैव दर्शकों से प्रशंसा पाती है।
