मुक्तक/दोहा

नव संवत्सर के दोहे

संवत्सर आया नया,गाने मंगल गीत । प्रियवर अब दिल में सजे,केवल नूतन जीत ।। उसकी ही बस हार है,जो माना है हार । साहस वाले का सदा,विजय करे श्रंगार ।। बीते के सँग छोड़ दो,मायूसी-अवसाद । दो हज़ार अस्सी सुखद, धवल,कर देगा आबाद ।। खट्टी-मीठी लोरियां,देकर गया अतीत। वह भी था अपना कभी ,था प्यारा […]

मुक्तक/दोहा

दोहे – छल-बल का परित्याग

छल-बल में क्या रखा,ये लाते दुष्परिणाम। पतन सुनिश्चित ये करें,हैं दुख के आयाम।। छल-बल मात्र प्रपंच हैं,बचना इनसे आज। वरना तय होगा यहाँ, झूठ-कपट का राज।। छल-बल तो अभिशाप हैं,नीचा करें चरित्र। इनसे बिगड़े है मनुज,होता थोथा चित्र।। छल-बल को त्यागो अभी,तभी बनेगी बात। वरना जीवन को समझ,ख़ुद की ख़ुद पर घात।। छल-बल को जो […]

मुक्तक/दोहा

युवाशक्ति के दोहे

युवाशक्ति को है नमन्,जो रचती इतिहास। हो हिमगिरि-सा दृढ़ युवा,ऊँचा ज्यों आकाश।। युवा उठे तो हो सृजन,विचले तो विध्वंस। युवा विवेकानंद है,है मानस का हंस।। तूफ़ानों को जीतकर,ला दे नवल विहान। युवा सदा गतिशील है,है वह मंगलगान। भगतसिंह,सुखदेव है,युवा लगे ‘आज़ाद’। हर बाधा से लड़ करे,युवा वतन आबाद।। युवा जोश का नाम है,रखता नित विश्वास। […]

समाचार

प्रो(डॉ)शरद नारायण खरे को “हिंद शिरोमणि सम्मान”

मंडला–भव्या फाउंडेशन द्वारा जयपुर में विगत दिवस भव्यता के साथ अंतरराष्ट्रीय मैत्री सम्मेलन एवं हिंद शिरोमणि सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसमें वरिष्ठ साहित्यकार/इतिहासकार व अनेक कृतियों के रचयिता, साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश के राष्ट्रीय अलंकरण से सम्मानित प्रो(डॉ)शरद नारायण खरे को उनकी समर्पित साहित्य सेवा, रचनाधर्मिता, शिक्षा व सामाजिक चेतना हेतु “हिंद शिरोमणि सम्मान” से […]

मुक्तक/दोहा

युवाशक्ति के दोहे

युवाशक्ति को है नमन्, जो रचती इतिहास। हो हिमगिरि-सा दृढ़ युवा, ऊँचा ज्यों आकाश।। युवा उठे तो हो सृजन,विचले तो विध्वंस। युवा विवेकानंद है,है मानस का हंस।। तूफ़ानों को जीतकर,ला दे नवल विहान। युवा सदा गतिशील है,है वह मंगलगान। भगतसिंह,सुखदेव है,युवा लगे ‘आज़ाद’। हर बाधा से लड़ करे,युवा वतन आबाद।। युवा जोश का नाम है,रखता […]

भजन/भावगीत

शिव-वन्दना

देवाधिदेव हे महादेव!, हे शिवशंकर त्रिपुरारी! हे आशुतोष! हे गौरीपति!, प्रभु! विनती सुनो हमारी।। हे शिवशंकर! हे परम सत्य!,तुम हो जग के रखवाले। तुम हो कल्याणक परम ताप,अब दूर करो दिन काले।। दया,नेह करना हम पर तुम ,टारो तुम विपदा सारी। हे आशुतोष! हे गौरीपति!, प्रभु! विनती सुनो हमारी।।1 * भोले भंडारी,महादेव,तेरी महिमा का गायन। […]

मुक्तक/दोहा

दोहे- तू और चाँद

इतराता है चाँद तो, पा तुझ जैसा रूप। सच,तेरा मुखड़ा लगे, हर पल मुझे अनूप।। चाँद बहुत ही है मधुर, इतराता भी ख़ूब। जो भी देखे,रूप में, वह जाता है डूब।। कभी चाँद है पूर्णिमा, कभी चाँद है ईद। कभी चौथ करवा बने, करते हैं सब दीद।। जिसकी चाहत वह सदा, इतराता है नित्य। आसमान,तारे […]

गीत/नवगीत

गीत

गिर रही है रोज़ ही,क़ीमत यहाँ इंसान की बढ़ रही है रोज़ ही,आफ़त यहाँ इंसान की न सत्य है,न नीति है, बस झूठ का बाज़ार है न रीति है,न प्रीति है, बस मौत का व्यापार है श्मशान में भी लूट है,दुर्गति यहाँ इंसान की। गिर रही है रोज़ ही,क़ीमत यहाँ इंसान की।। बिक रहीं नकली […]

गीत/नवगीत

दास्तां

रहे दास्तां यदि जीवित तो,पाती तब वह मान है। गौरव में जीवन की शोभा,मिलता नित यशगान है।। दीन-दुखी के अश्रु पौंछकर, जो देता है सम्बल पेट है भूखा,तो दे रोटी, दे सर्दी में कम्बल अंतर्मन में है करुणा तो,मानव गुण की खान है। गौरव में जीवन की शोभा,मिलता नित यशगान है।। धन-दौलत मत करो इकट्ठा, […]

मुक्तक/दोहा

गाँधी-वंदना के मुक्तक

(1) मुझे गांधी ने सिखलाया,जिऊँ मैं कैसे यह जीवन। बनाऊँ कैसे मैं इस देह और मन को प्रखर,पावन। मुझे नैतिकता-पथ दिखलाके,रोशन आत्मा कर दी, पूज्य बापू के कारण ही,महकता है मिरा मधुवन।। (2) जिये सत् भाव लेकर गांधी,सौंपा हमको यह ही स्वर। अहिंसा-ताव लेकर बन गये,मानव से वे इक सुर। युगों तक वंदना गांधी की […]