पिता की छाँव
करते दिल पर राज पिता थे।घर भर के सरताज पिता थे।। सारे घर के जीवनदाता।हम सब के तो नाज़ पिता
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Read Moreमंडला -देश की सुप्रसिद्ध साहित्य संस्था “रायबरेली काव्यरस साहित्य मंच की राजस्थान प्रदेश शाखा” द्वारा आयोजित “दर्द की दास्ताँ “विषय
Read Moreमंडला-अंतर्राष्ट्रीय संस्था प्रसंग जबलपुर का कृति विमोचन,सम्मान समारोह व काव्य समागम इं.विनोद नयन के संयोजन-संचालन में आयोजित हुआ,जिसमें कृष्णा राजपूत
Read Moreमंडला -देश की सुप्रसिद्ध साहित्यिक- सामाजिक संस्था “विचारक्रांति साहित्य सेवा संस्थान ” द्वारा हिंदी दिवस पर आयोजित “अंतर्राष्ट्रीय हिंदी लेखन
Read Moreमंडला -देश की सुप्रसिद्ध साहित्य संस्था “राष्ट्रीय हिंदी साहित्य मंच” द्वारा अक्टूबर माह में दीवाली पर आयोजित अखिल भारतीय कविता
Read Moreसत्य साधकर गति करो,तब ही बनो महान।केवल सच से ही बने,इंसाँ नित बलवान।। सत्य चेतना को रखे,जिसमें रहे विवेक।रीति-नीति को
Read Moreमंडला-शिक्षण को एक पावन कार्य के रूप में पुनर्निर्धारित करें- मूल नारे के साथ आज विश्व भर में अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक
Read Moreअंधकार में युवा शौर्य के, दीप जलाते हैं।देशभक्ति के मधुर तराने, नित वे गाते हैं।। चंद्रगुप्त की धरती है यह,
Read Moreमंडला-देश के प्रतिष्ठित प्रकाशन “दी ग्राम टुडे प्रकाशन” द्वारा देश के चयनित शिक्षक साहित्यकारों को उनकी शैक्षणिक योग्यता, उपलब्धियों, गुणवत्ता, क्रियात्मक
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