बाल कविता

मम्मी और बच्चों का खेल

मम्मी बच्चों की प्यारी मम्मी होती है,
रोज बच्चों से ही मम्मी दुलराती है।

बच्चे मम्मी के कंधे पर चढ़ जाते हैं,
सारे बच्चे मिलकर खूब मस्ती करते हैं।

मम्मी बच्चों की कितनी प्यारी होती है,
तभी बच्चों को सबसे ज्यादा भाती है।

जब मम्मी दूध-भात की कटोरी लाती है,
नन्ही गुंजा छत पर चढ़कर खूब हंसती है।

बंदर सा मुंह बनाकर खूब चिढ़ाती है,
मम्मी नन्ही गुंजा को पास बुलाती है।

— जयचन्द प्रजापति ‘जय

*जयचन्द प्रजापति

प्रयागराज मो.7880438226 jaychand4455@gmail.com

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