स्वास्थ्य

भूख कम, सेहत पर असर : बढ़ती उम्र की अनदेखी समस्या

बढ़ती उम्र अपने साथ कई शारीरिक और मानसिक परिवर्तन लेकर आती है। इनमें से एक महत्वपूर्ण लेकिन अक्सर अनदेखी की जाने वाली समस्या है—भूख का कम हो जाना। कई लोग इसे उम्र का सामान्य हिस्सा मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन लंबे समय तक भूख कम रहना शरीर में पोषक तत्वों की कमी, कमजोरी और कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। इसलिए यह समझना आवश्यक है कि उम्र बढ़ने के साथ भूख क्यों कम होती है और इसे कैसे बेहतर बनाया जा सकता है।

क्यों कम हो जाती है भूख?

उम्र बढ़ने पर शरीर की चयापचय (मेटाबॉलिज्म) की गति धीमी हो जाती है। ऊर्जा की आवश्यकता कम होने के कारण भूख भी पहले जैसी नहीं रहती। इसके अलावा स्वाद और गंध महसूस करने की क्षमता कमजोर पड़ने से भोजन उतना आकर्षक नहीं लगता। दांतों की समस्या, मसूड़ों में दर्द या ठीक से चबा न पाने की वजह से भी बुजुर्ग भोजन से बचने लगते हैं।

कई बार मधुमेह, हृदय रोग, किडनी की बीमारी, कैंसर, अवसाद, डिमेंशिया या थायरॉयड जैसी बीमारियां भी भूख कम कर देती हैं। कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव भी इसका कारण बन सकते हैं।

भूख कम होने के दुष्परिणाम

यदि लंबे समय तक पर्याप्त भोजन न लिया जाए तो शरीर में प्रोटीन, विटामिन और खनिजों की कमी होने लगती है। इससे मांसपेशियां कमजोर होती हैं, वजन तेजी से घटता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। ऐसे लोगों में संक्रमण, हड्डियों की कमजोरी, बार-बार गिरने का खतरा और घाव भरने में देरी जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं।

पोषण की कमी मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकती है। व्यक्ति थकान, चिड़चिड़ापन, उदासी और याददाश्त में कमी जैसी समस्याओं का अनुभव कर सकता है।

किन संकेतों को नजरअंदाज न करें?

यदि किसी बुजुर्ग का वजन लगातार कम हो रहा हो, कई दिनों तक भोजन में रुचि न हो, कमजोरी बढ़ रही हो या पानी भी कम पी रहे हों, तो इसे सामान्य मानकर टालना उचित नहीं है। समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है।

क्या करें?

दिन में तीन बड़े भोजन की बजाय 5–6 छोटे और पौष्टिक भोजन दें।

भोजन में दालें, दूध, दही, पनीर, अंडे, फल, हरी सब्जियां और साबुत अनाज शामिल करें।

भोजन को रंगीन, स्वादिष्ट और आकर्षक बनाएं।

पर्याप्त पानी और अन्य तरल पदार्थ लेते रहें।

हल्की सैर या नियमित शारीरिक गतिविधि भूख बढ़ाने में मदद करती है।

परिवार के साथ बैठकर भोजन करने से भी खाने की इच्छा बढ़ती है।

दांतों की नियमित जांच करवाएं और यदि कोई दवा भूख कम कर रही हो तो चिकित्सक से सलाह लें।

परिवार की भूमिका

बुजुर्गों की भोजन संबंधी आदतों पर परिवार का ध्यान बेहद महत्वपूर्ण है। उन्हें प्यार और सम्मान के साथ भोजन के लिए प्रेरित करें। उनकी पसंद के अनुसार पौष्टिक भोजन तैयार करें और अकेलेपन से बचाने का प्रयास करें। कई बार भावनात्मक सहयोग ही उनकी भूख और स्वास्थ्य दोनों में सुधार ला सकता है।

बढ़ती उम्र में भूख कम होना हमेशा सामान्य नहीं होता। यह कई बार शरीर की किसी छिपी हुई समस्या का संकेत भी हो सकता है। सही समय पर पहचान, संतुलित पोषण, नियमित व्यायाम और परिवार का सहयोग बुजुर्गों को स्वस्थ, सक्रिय और आत्मनिर्भर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। याद रखें, अच्छा पोषण ही स्वस्थ और सम्मानजनक बुढ़ापे की सबसे मजबूत नींव है।

— डॉ. विजय गर्ग

*डॉ. विजय गर्ग

शैक्षिक स्तंभकार, मलोट

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