कविता

सुबह की पहली किरण आपके चेहरे पर मुस्कान लाए,
हर नया दिन आपके जीवन में खुशियों की बहार लाए।
सच्ची दोस्ती वो खूबसूरत अहसास है,
जो दूर रहकर भी दिल के सबसे पास है।
ज़िंदगी की राहों में दोस्त न हों अगर,
तो हर सफ़र अधूरा और रास्ता उदास है।
हर ख़ुशी अधूरी लगती है तुम्हारे बिना,
महफ़िल में नूरी लगती है तुम्हारे बिना।
ज़िंदगी में लाख मुश्किले आएँ तो क्या,
यारों की यारी के आगे हर जंग पूरी लगती है।
साथ हँसना, साथ रोना और रूठकर मान जाना,
बेवजह की बातों पर घंटों ठहाके लगाना।
ये दोस्ताना ही तो है जो जीना सिखाता है,
हर गम को भुलाकर खुलकर मुस्कुराना सिखाता है।
रब से बस इतनी सी दुआ है आज की सुबह,
सलामत रहे हमेशा हमारी दोस्ती का यह ज़हाँ।
कभी ना आए दूरी हम यारों के दरमियाँ,
हर जन्म में मिले मुझे तुम जैसा कारवाँ।

— हेमंत सिंह कुशवाह

हेमंत सिंह कुशवाह

राज्य प्रभारी मध्यप्रदेश विकलांग बल मोबा. 9074481685

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