मुक्तक/दोहा

श्राद्ध नहीं बस अन्न है

जीते जी जिनको दिया, तानों का उपहार।
मरने पर तस्वीर को, चढ़ते फूल हजार।।

बाप पसीना बेचकर, करता घर आबाद।
आज बुढ़ापे में उसे, बेटे करें न याद।।

जीवन भर जो पालते, रखकर अपनी भूख।
उनके हिस्से छोड़ दी, वृद्धाश्रम की रूख।।

जीते जी दो रोटियाँ, दे न सके परिवार।
श्राद्ध दिवस पर भोज का, करते हैं विस्तार।।

सेवा में माँ-बाप की, जितना सच्चा प्यार।
उतना ही पावन बने, पूजा और’ व्यवहार।।

तीर्थ गए संसार में, खोज रहे भगवान।
घर बैठे माँ-बाप में, छूटा सच्चा ज्ञान।।

पिंड चढ़ाकर सोचते, मिल जाएगा मोक्ष।
जीते जी माँ-बाप के, रहते कष्ट परोक्ष ।।

धन-दौलत के मोह में, रिश्ते गए बिसार।
अब बूढ़े माँ-बाप के, सूने पड़ते द्वार।।

श्राद्ध नहीं बस अन्न है, श्राद्ध नहीं बस दान।
सेवा है माँ-बाप की, सच्चा पुण्य महान।।

माँ की ममता भूलकर, दुनिया में क्या जीत।
जिस घर में ये ना हँसे, कैसी सौरभ प्रीत।।

जीवन भर जो बाँटते, सब बच्चों में प्यार।
उन्हें बुढ़ापे में मिले, थोड़ा सा सत्कार।।

कौवे को भोजन दिया, ब्राह्मण को उपहार।
माँ-बापों की भूख पर, क्यों ना आया प्यार।।

कर्मकांड से क्या मिले, यदि मन में हो खोट।
जीते जी सेवा करो, यही धर्म की ओट।।

माँ-बापों के चरण में, सारे तीर्थ निवास।
जीते जी सेवा करो, यह सच्चा विश्वास।।

— डॉ. सत्यवान सौरभ

*डॉ. सत्यवान सौरभ

✍ सत्यवान सौरभ, जन्म वर्ष- 1989 सम्प्रति: वेटरनरी इंस्पेक्टर, हरियाणा सरकार ईमेल: satywanverma333@gmail.com सम्पर्क: परी वाटिका, कौशल्या भवन , बड़वा (सिवानी) भिवानी, हरियाणा – 127045 मोबाइल :9466526148,01255281381 *अंग्रेजी एवं हिंदी दोनों भाषाओँ में समान्तर लेखन....जन्म वर्ष- 1989 प्रकाशित पुस्तकें: यादें 2005 काव्य संग्रह ( मात्र 16 साल की उम्र में कक्षा 11th में पढ़ते हुए लिखा ), तितली है खामोश दोहा संग्रह प्रकाशनाधीन प्रकाशन- देश-विदेश की एक हज़ार से ज्यादा पत्र-पत्रिकाओं में लगातार प्रकाशन ! प्रसारण: आकाशवाणी हिसार, रोहतक एवं कुरुक्षेत्र से , दूरदर्शन हिसार, चंडीगढ़ एवं जनता टीवी हरियाणा से समय-समय पर संपादन: प्रयास पाक्षिक सम्मान/ अवार्ड: 1 सर्वश्रेष्ठ निबंध लेखन पुरस्कार हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी 2004 2 हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड काव्य प्रतियोगिता प्रोत्साहन पुरस्कार 2005 3 अखिल भारतीय प्रजापति सभा पुरस्कार नागौर राजस्थान 2006 4 प्रेरणा पुरस्कार हिसार हरियाणा 2006 5 साहित्य साधक इलाहाबाद उत्तर प्रदेश 2007 6 राष्ट्र भाषा रत्न कप्तानगंज उत्तरप्रदेश 2008 7 अखिल भारतीय साहित्य परिषद पुरस्कार भिवानी हरियाणा 2015 8 आईपीएस मनुमुक्त मानव पुरस्कार 2019 9 इंटरनेशनल जर्नल ऑफ़ रिसर्च एंड रिव्यु में शोध आलेख प्रकाशित, डॉ कुसुम जैन ने सौरभ के लिखे ग्राम्य संस्कृति के आलेखों को बनाया आधार 2020 10 पिछले 20 सालों से सामाजिक कार्यों और जागरूकता से जुडी कई संस्थाओं और संगठनों में अलग-अलग पदों पर सेवा रिसर्च स्कॉलर इन पोलिटिकल साइंस, दिल्ली यूनिवर्सिटी, कवि,स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार, (मो.) 9466526148 (वार्ता) (मो.) 7015375570 (वार्ता+वाट्स एप) 333,Pari Vatika, Kaushalya Bhawan, Barwa, Hisar-Bhiwani (Haryana)-127045 Contact- 9466526148, 01255281381 facebook - https://www.facebook.com/saty.verma333 twitter- https://twitter.com/SatyawanSaurabh

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