कार्तिक मास
पावन कार्तिक मास सखी री देख आया,
“आनंद” उत्सव खूब हर्षोल्लास मनाया ।
वेद पुराणों ने कार्तिक की महिमा गाई,
कार्तिक बारह महिनों में से अति फलदाई,
जप-तप-हवन-मनन सत्संग और संकीर्तन,
गोधन की सेवा दीपदान भगवत् वंदन,
सच्ची उपासना से भक्तों ने सुख पाया,
“आनंद” उत्सव खूब हर्षोल्लास मनाया ।
तड़के श्रद्धालु नित करें गंगा स्नान ध्यान,
संकल्पित पूजन का है ये सारा विधान,
सींचें हरी-भरी तुलसी जी की नित क्यारी,
और पंथवारी माता की पूजा न्यारी,
प्रबोधिनी एकादशी विष्णु को जगाया,
“आनंद” उत्सव खूब हर्षोल्लास मनाया ।
करवा चौथ अहोई अष्टमी छठ का व्रत,
धन त्रयोदशी दीपावली की सुखद रंगत,
गोवर्धन पूजा भाई दूज की रौनक,
देव दीपावली की जगमग सी चमक-दमक,
सुख समृद्धि सौभाग्य आरोग्यता को पाया,
“आनंद” उत्सव खूब हर्षोल्लास मनाया ।
— मोनिका डागा “आनंद”
