कुण्डली/छंद

बिखरी भू पर चाँदनी

चंदा सँग है चंद्रिका, तारों की बारात।

बिखरी भू पर चाँदनी, शरद पूर्णिमा रात।।

शरद पूर्णिमा रात , मातु लक्ष्मी आएगी।

धन वैभव सौभाग्य, कृपा शुभ बरसाएगी।।

हाथों में ले हाथ, प्रीत का रेशम फन्दा।

जनम-जनम का साथ, मीत हो जैसे चंदा।।

*चंचल जैन

मुलुंड,मुंबई ४०००७८

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