मौन
मेरी कविता
तुम पढ़ सको तो पढ़ो
मैंने इसे रचा है
अपने मौन से
इसमें सौन्दर्य
वीभत्स्य
करुणा दया
हास्य उपहास
सभी कुछ है
तुम अगर पढ़ सकते हो
तो पढ़ो और समझो
मेरे मौन को
मेरी कविता
तुम पढ़ सको तो पढ़ो
मैंने इसे रचा है
अपने मौन से
इसमें सौन्दर्य
वीभत्स्य
करुणा दया
हास्य उपहास
सभी कुछ है
तुम अगर पढ़ सकते हो
तो पढ़ो और समझो
मेरे मौन को