मौत
जीवन पर तो बहुतों ने लिखा
पर मृत्यु पर लिखने में किया संकोच
जीवन तो एक ही बार मिला
पर जीवन में मौत मिली बार बार
इसके बाबजूद
जो मिला एक बार उस पर खूब लिखा पढ़ा गया
मिली जो बार बार उससे सौतेला व्यवहार किया
उसके बारे में पढ़ना और सोचना
नागवार लगा जग को
लेकिन सच में जिसने मौत को पढ़ा
वो आगोश में सोया चैन में उसके
जिसने पढ़ा जीवन
मरते दम बैचेन रहा उम्र भर
