लघुकथा

एक दीवाने की मौत

पूरा गांव उन्हें दीवाना, वहशी और पागल कहता था। पर न जाने क्यों मेरा मन कहता था युसूफ चच्चा ऐसे नहीं हैं। उनकी उन दो हरकतों जिनकी वजह से गांव वालो ने उन्हें पीटा था उसके बाद भी मेरा मन उनके बारे में गांव वालो की तरह धारणा नहीं बना सका।
पहली बार गांव वालो ने उन्हें इसलिए बेदर्दी से पीट दिया जब उन्होंने भाग कर मज़ार पर चढ़ाई जा रही चादर को लेकर उसे उस भिखारिन को उढ़ा दिया जो दिसंबर के महीने में बरगद के नीचे ठण्ड से ठिठुर रही थी। मज़ार पर वो चादर क्षेत्रीय विधायक चढ़ाने आया था और वो विधायक असलम शेख अपनी जलती आँखों के आगे युसूफ चच्चा को पीटते हुए देखता रहा।
दूसरी बार युसूफ चच्चा की पिटाई तब मैने देखी जब उन्होंने उस भिखारिन को मंदिर में चढ़ाया जाने वाला दूध एक बिरहमन के हाथ से छीन कर पिला दिया। इसका परिणाम यह हुआ गांव वालो ने युसूफ चच्चा के उस भिखारिन के साथ अवैध सम्बन्ध की चर्चा करने लगे।
आज भी शायद युसूफ चच्चा की गांव वालो ने किसी बात पे पिटाई की होगी। उनकी लाश पड़ी हुई थी। पूरा गांव तमाशबीन था। पर आज मे तमाशा नहीं देख सकता था। युसूफ चच्चा को सम्मान सहित दफ़नाने से पहले मेरे कदम पुलिस स्टेसन की तरफ उठ चले थे।

–सुधीर मौर्य

*सुधीर मौर्य

नाम - सुधीर मौर्य जन्म - ०१/११/१९७९, कानपुर माता - श्रीमती शकुंतला मौर्य पिता - स्व. श्री राम सेवक मौर्य पत्नी - श्रीमती शीलू मौर्य शिक्षा ------अभियांत्रिकी में डिप्लोमा, इतिहास और दर्शन में स्नातक, प्रबंधन में पोस्ट डिप्लोमा. सम्प्रति------इंजिनियर, और स्वतंत्र लेखन. कृतियाँ------- 1) एक गली कानपुर की (उपन्यास) 2) अमलतास के फूल (उपन्यास) 3) संकटा प्रसाद के किस्से (व्यंग्य उपन्यास) 4) देवलदेवी (ऐतहासिक उपन्यास) 5) माई लास्ट अफ़ेयर (उपन्यास) 6) वर्जित (उपन्यास) 7) अरीबा (उपन्यास) 8) स्वीट सिकस्टीन (उपन्यास) 9) पहला शूद्र (पौराणिक उपन्यास) 10) बलि का राज आये (पौराणिक उपन्यास) 11) रावण वध के बाद (पौराणिक उपन्यास) 12) मणिकपाला महासम्मत (आदिकालीन उपन्यास) 13) हम्मीर हठ (ऐतिहासिक उपन्यास) 14) इंद्रप्रिया (ऐतिहासिक उपन्यास) 15) छिताई (ऐतिहासिक उपन्यास) 16) सिंधुसुता (ऐतिहासिक उपन्यास) 17) अधूरे पंख (कहानी संग्रह) 18) कर्ज और अन्य कहानियां (कहानी संग्रह) 19) ऐंजल जिया (कहानी संग्रह) 20) एक बेबाक लडकी (कहानी संग्रह) 21) हो न हो (काव्य संग्रह) 22) पाकिस्तान ट्रबुल्ड माईनरटीज (लेखिका - वींगस, सम्पादन - सुधीर मौर्य) पुरस्कार - कहानी 'एक बेबाक लड़की की कहानी' के लिए प्रतिलिपि २०१६ कथा उत्सव सम्मान। ईमेल ---------------sudheermaurya1979@rediffmail.com

2 thoughts on “एक दीवाने की मौत

  • विजय कुमार सिंघल

    मार्मिक लघु कथा ! इसका शीर्षक “एक सच्चे मानव की मौत” होता तो अधिक सार्थक होता.

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