विह्स्की विला – भाग 8 (अंतिम भाग)
इंस्पेक्टर की बात से मुझे बेहद राहत मिली थी पर मुझे उसने जो बार – बार लौंडा कहा था वो
Read Moreइंस्पेक्टर की बात से मुझे बेहद राहत मिली थी पर मुझे उसने जो बार – बार लौंडा कहा था वो
Read Moreकहते हुए ज्वाइस के चेहरे पर बेहद विश्वाश था और वही विश्वाश मेरे चेहरे पर है कि नहीं ये देखने
Read More‘मॉम से मुझे उसे दिन से नफरत थी और ये नफरत इंतकाम में तब बदल गई जब उन्होंने हमारे सेक्स
Read Moreज्वाइस की कही बात ने मुझे किस कदर राहत पहुंचाई थी ये लफ़्ज़ों में बयां करना मुमकिन नहीं था। करवट
Read Moreज्वाइस का इंतज़ार मैने तमाम रात किया पर वो क्या उसकी हवा तक मेरे कमरे के आस-पास नही गुज़री। अगली
Read Moreवाटर जार से एक ग्लास पानी लेकर पीने के बाद जब मै कार के पास पहुंचा तो ज्वाइस उसमे पीछे
Read Moreइन्स्पेक्टर के सवालों से छुटकारा मिलते ही मैने ऐसा महसूस किया जैसे मुझे काले पानी से रिहाई मिल गई हो।
Read Moreविह्स्की विला में जाने की हसरत न जाने कब से मेरे दिल में थी पर वहां इस तरह से जाऊँगा
Read More(5) सज्जाद की रखैली मुर्गे की बांग के साथ सारिका की आँख खुली। उसने बिस्तर पर नजरे घुमाई सज्जाद वहां
Read More(4)सज्जाद की नवेली कहकशां ने सारिका को देखते ही मुस्कराकर उसे गुड मार्निग बोला और उसके लिए चाय ले आई।
Read More