राजनीति

दिल्ली में अराजकता की जीत

दिल्ली के नतीजों से एक बात तो साफ है कि आज भी गुलामी की मानसिकता लोगो के मन में भरी हुई है l कुछ मुफ्त कि चीजों के बदले लोग अपना भविष्य भी दांव पर लगा देते हैं l लोगों ने किरण बेदी जैसे इमानदार प्रत्याशी को भी हराने में कोई कसर नहीं छोड़ी l
केजरीवाल जैसे राजनीतिक आतंकवादिओं को जिताने के लिये दिल्ली की जनता को पछतावा जरूर होगा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होगी l

2 thoughts on “दिल्ली में अराजकता की जीत

  • विजय कुमार सिंघल

    बिलकुल सही लिखा है आपने. भाजपा के विरुद्ध सभी एक हो गए जिससे अप्रत्याशित परिणाम मिले हैं. यह लोकतंत्र के लिए बहुत खतरनाक है.

  • गुरमेल सिंह भमरा लंदन

    यह तो समय ही बताएगा.

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