व्यंग्य – नेहरू जी की आत्मा
गहरी निद्रा में सो रहा था, अचानक एक चमकदार किरण प्रकट होकर मुझे झकझोर ने लगा, सामने देखा सफेद लिबास में
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Read Moreउत्तर प्रदेश 2022 विधानसभा चुनाव जिस तरीके से नजदीक आ रहा है, राष्ट्रीय दल से लेकर क्षेत्रीय दल अपने बिसात फैलाने
Read Moreबड़े-बड़े महापुरुषों ने कहा है कि जब सपना देखना है तो बड़ी सपने देखो छोटे से सपने का ख्याल भी
Read Moreकोरोना के बारे में लिखना छोड़ दिया, क्यों छोड़ा मार्च, अप्रैल और मई की भयानक तस्वीरें एक गरीब, मजदूर और
Read Moreवो युवा नेताजी कम समय में बड़ा नाम कर चुके थे, आज सुबह अचानक वो मेरे घर पर धमक पड़े। गरीब लेखक
Read Moreआज आत्मनिर्भर शब्द सुनकर ऐसा प्रतीत हो रहा था, मानो धरती पर स्वर्ग का रचना होने वाला है। भारतीय नेताओं
Read Moreजब तुम चिठ्ठी लिखा करते थे सच में उलझन रहता था, खामोशियो में इंतजार चिठ्ठी की कई दिनों तक करता
Read Moreहर बार की तरह अबकी बार भी लिखने को कोई शब्द नही है, माफ कर दो वो भूखे गर्भवती हाथनी
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