बरसात के बाद की धूप
अहमदाबाद की बारिश जैसे शहर को नहीं, रागिनी के भीतर के सूनेपन को भिगो रही थी। खिड़की के बाहर रुक-रुक
Read Moreअहमदाबाद की बारिश जैसे शहर को नहीं, रागिनी के भीतर के सूनेपन को भिगो रही थी। खिड़की के बाहर रुक-रुक
Read Moreवृंदावन की संकरी गलियों में धूप आग उगल रही थी। मंदिर के सामने, आठ साल की गुड़िया माथे पर पसीना
Read More“सुहाना, आंटी जी किधर हैं? गांव वापिस चली गईं क्या?” सुधा जी को घर में न देख सुहाना की सहेली
Read More-1-न उँगलियों में हलचल /न था कोई निशान /लगता है.. आज फिर डस गया /विश्वास के किसी को /छुपा हुआ…आस्तीन
Read More“माँ ! सब चीजें ध्यान से देख लो। कोई कमी न रह जाए। ” पिता के श्राद्ध की तैयारी में
Read Moreलोगों की दोहरी मानसिकता पर बहुत गुस्सा आ रहा है। ऐसा लगता है जैसे दिमाग़ फट जायेगा। फेसबुक, ट्विटर हर
Read More