रोटी पर क्षणिका
अजब नज़ारा/ गरीब को… न वक्त पे रोटी/ अमीर को… न रोटी को वक्त अब बतलाओ … कौन बेचारा?
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Read Moreसुगंधा का पशु प्रेम जगजाहिर था। एक दिन उसके पति के साथ रहने वाला उनका दोस्त बोला, “भाभी, जानवरों को
Read Moreहैं कण कण में बिखरे ब्रह्मा की… तूलिका के रंग अंजु गुप्ता ✍🏻
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