Author: अंकुर सिंह

कविता

पंद्रह अगस्त

पंद्रह अगस्त सैंतालीस को, कैलेंडर दिवस था शुक्रवार। मिली इस दिन हमें आजादी, खुला अपने सपनों का द्वार।। आजादी  के 

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