मुझे घर जाना है
सुबह रवि की लालिमा फूलों पर फुदकती तितलियाँ अँधेरी बोली – मुझे घर जाना है I पथ पर चहल पहल
Read Moreसुबह रवि की लालिमा फूलों पर फुदकती तितलियाँ अँधेरी बोली – मुझे घर जाना है I पथ पर चहल पहल
Read Moreहम सोये सोई किस्मत हम जागे जागी किस्मत हम रोये रोई किस्मत हम हँसे खिलखिला उठी किस्मत क्या खूब ?
Read Moreमिटटी की दीवारों पर न जाने क्या लिखती हो ? कभी जडती हो शब्द अनेकों कभी शब्द व्यंजना करती हो
Read Moreबाज के चंगुल में फँसी चिड़िया को सब व्यर्थ मृत्यु का झंझावात नजर आया किन्तु क्या ? फड़फड़ाने के सिवा
Read Moreमाँ तुम नहीं पर तुम्हारी निशानी मुझे सदा याद दिलाती रहेगी I मैंने संभाल सजा ली है किताबों में जब
Read Moreमिटटी के चूल्हे पर हांड़ी चढ़ाना लकड़ी की आग पर खाना पकाना धुएँ से माँ की आँखों से आँसुओं का
Read Moreबंद खिड़कियाँ,दरवाजे परदे नींद में ऊंगते दीवाल पर टिकी मूर्ति तुम्हारी कैसे लाँघोगी देहरी दुर्गम राहें कठिनता हरदम चारों ओर
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