भगत सिंह आजादी का दिवाना
भगत सिंह आजादी का दिवाना गोरे वानर ने जब लूटा तब चमन बर्बाद हुआ सिर कटे है वीरों के
Read Moreभगत सिंह आजादी का दिवाना गोरे वानर ने जब लूटा तब चमन बर्बाद हुआ सिर कटे है वीरों के
Read Moreराग लिये अनुराग हि फागुन में फगवा अब गाय रही है डाल गुलाल कलाधर पे वृषभानु किशोरि रिझाय रही है
Read Moreग्वाल बाल नंदलाल, ताल से मिला के ताल करते धमाल हैं गुलाल और रंग में छोरिया अहिर की पे ढंग
Read Moreप्रीत की सुधा सबको चाहिए मगर ग़म का विष कोई पीना नही चाहता इश्क में डूबने की बात करते बहुत
Read More