गीत
अपनों ने जो किए हैं दिल पे वार दिखाने आया हूँ घायल भारतमाता का चित्कार सुनाने आया हूँ राशन नहीं
Read Moreकरवाचौथ पर मेरी पत्नी को समर्पित एक कविता :- करवाचौथ बहाना है, बस इतना याद दिलाना है, रात को जब
Read Moreदिल्ली में हुए शर्मनाक कांड पर दिल में उत्पन्न हुए आक्रोश से निकली कुछ पंक्तियाँ :- मानवता हो गई मरणासन्न,
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