दिल दिमाग
जज़्बात कुछ ऐसे भी होते हैं जिन्हें लिखते लिखते हाथ रुक जाते हैं कलम थम जाती है दिल कहे तू
Read Moreमैं 4 नवंबर से नर्मदा जी की पैदल यात्रा पर निकला हूं. मेरी यात्रा अमरकंटक नर्मदा जी के उद्गम स्थल
Read Moreजिंदगी की कहानी हो जाए कब खल्लास नहीं कुछ इसका पता चलते चलते कब डगमगा कर राहों में
Read Moreलहू की दो बूंद जमी पर दिखी तो यह ख्याल आया यह खून किसका है अमीर का या किसी गरीब
Read Moreहवा चल रही ठंडी ठंडी पानी भी है बरस रहा गुड़िया रानी बाहर न खेल जल्दी आ जा अंदर
Read Moreयमराज जी बोर हो गए अपनी पुरानी ड्रेस और भैंसे की सवारी से सो उन्होंने लिया एक निर्णय और बोले
Read Moreजिंदगी जीना कोई खेल नहीं कदम कदम पर जंग है कभी अपने से कभी अपनों से सुबह की शाम से
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