दम तोड़ती कविता और कवि मनु
कवि मनु के दो कण आये, आज संशय की झोली में । दम तोड़ती कविता भरते, रिक्त ज्ञान की
Read Moreकवि मनु के दो कण आये, आज संशय की झोली में । दम तोड़ती कविता भरते, रिक्त ज्ञान की
Read Moreगरज उठा फिर ! सिंह आज कायर स्यार छिपा है माद गड़ी है आँँखें उल्लू की सरहद पर लोमड़ नाद
Read More