गीतिका/ग़ज़ल *जयकृष्ण चाँडक 'जय' 19/08/202619/08/2026 ग़ज़ल दर्दों से अपना वास्ता बरसों तलक़ रहा,किस्मत में एक हादसा बरसों तलक़ रहा। शीशे चढ़े थे झूठ के आंखों पे Read More
गीतिका/ग़ज़ल *जयकृष्ण चाँडक 'जय' 27/07/202627/07/2026 ग़ज़ल जाहिर एक कहानी है,इक राजा, इक रानी है। मद्धम, मद्धम बारिश में,मन का मौसम धानी है। पीछे से मत वार Read More
गीतिका/ग़ज़ल *जयकृष्ण चाँडक 'जय' 27/06/202627/06/2026 ग़ज़ल सदा परछाई सा बनकर खड़े हैं।तुम्हारे साथ ही दिलबर खड़े हैं। अभी तक आप न हो पाए मेरे,मगर हम आपके Read More
गीतिका/ग़ज़ल *जयकृष्ण चाँडक 'जय' 14/05/202614/05/2026 ग़ज़ल बात दिल की कभी कही ही नहीं,जंग खुद से कभी लड़ी ही नहीं। आँख रक्खी है खोलकर तो क्या,रूह तो Read More
गीतिका/ग़ज़ल *जयकृष्ण चाँडक 'जय' 19/04/202619/04/2026 ग़ज़ल क़यामत से पहले इशारे मिलेंगे।नसीबों के सब फल तुम्हारे मिलेंगे। अभी और लहरों से लड़ना पड़ेगा,अभी दूर तुमको किनारे मिलेंगे। Read More
गीतिका/ग़ज़ल *जयकृष्ण चाँडक 'जय' 28/03/202628/03/2026 ग़ज़ल देख समझकर भी चुप हैं,विष को पीकर भी चुप हैं। आँख का रोना दिखता है,ज़ख़्म सिसककर भी चुप हैं। बोल Read More
गीतिका/ग़ज़ल *जयकृष्ण चाँडक 'जय' 24/02/202624/02/2026 ग़ज़ल मद में अपने चूर ज़रा सा,हर बंदा मग़रुर ज़रा सा। थोड़ी देर लड़ो लहरों से,अभी किनारा दूर ज़रा सा। उडने Read More
गीतिका/ग़ज़ल *जयकृष्ण चाँडक 'जय' 01/01/202625/12/2025 ग़ज़ल मुश्किलों से गुज़र गया कब का,वो यकीनन निखर गया कब का। राह बाकी नहीं न मंज़िल है,हाथ से ये सफ़र Read More
गीतिका/ग़ज़ल *जयकृष्ण चाँडक 'जय' 25/12/202525/12/2025 ग़ज़ल राज़ छिपे हैं परदे में,लोग कईं हैं सदमे में। सच्चा कैसे माने अब,चेहरें हैं, इक चेहरे में। प्रीत भरी है Read More
गीतिका/ग़ज़ल *जयकृष्ण चाँडक 'जय' 27/11/202527/11/2025 ग़ज़ल हाथ से पकड़ा, उठाया रख दिया,दिल ज़रा दिल से लगाया रख दिया। सिर्फ ये सांई के बस की बात थी,दीप Read More