गीतिका/ग़ज़ल *जयकृष्ण चाँडक 'जय' 01/10/202524/09/2025 ग़ज़ल वो जो कहदे सब करना,दुनिया जैसा ढब करना।दिल कुछ करना चाहेगा,चाहेंगे कुछ लब करना।सोचो करने से पहले,क्या करना है,कब करना।है Read More
गीतिका/ग़ज़ल *जयकृष्ण चाँडक 'जय' 11/09/202511/09/2025 ग़ज़ल ज़िन्दगी का असर भी रखना है,पास मरने का डर भी रखना है। दूर मंज़िल है, उसको पाने तक,रोज़ जारी सफ़र Read More
गीतिका/ग़ज़ल *जयकृष्ण चाँडक 'जय' 02/08/202502/08/2025 ग़ज़ल जलाना, दुखाना बड़ी बात है,मगर दिल लगाना बड़ी बात है। नज़र से किसी को गिराना सहज़,नज़र में उठाना बड़ी बात Read More
गीतिका/ग़ज़ल *जयकृष्ण चाँडक 'जय' 20/07/202520/07/2025 ग़ज़ल साथ जब रास्तों से गुज़रेंगे,दरमियां फ़ासलों से गुज़रेंगे। पास में सच ज़रूर आएगा,झूठ जब आईनों से गुज़रेंगे। दर्द जानेंगे तब Read More
गीतिका/ग़ज़ल *जयकृष्ण चाँडक 'जय' 25/06/202525/06/2025 ग़ज़ल ज़िंदगी से सवाल पूछेंगे,आदमी से सवाल पूछेंगे। क्या है रिश्ता तेरा अंधेरे से,रौशनी से सवाल पूछेंगे। ज़िंदगी से ही क्यूं Read More
गीतिका/ग़ज़ल *जयकृष्ण चाँडक 'जय' 23/05/202523/05/2025 ग़ज़ल किसलिए हर्ज है,आपका फर्ज़ है। आप ख़ुद आएं हैं,आपकी गर्ज है। इक मुकदमा यहां,आप पर दर्ज़ है। आप सुन लिजीये,इक Read More
गीतिका/ग़ज़ल *जयकृष्ण चाँडक 'जय' 23/05/202523/05/2025 ग़ज़ल आसमानों का समय है,अब उड़ानों का समय है। अब नहीं ईमान वाले,बेईमानों का समय है। छोड़िये आवाम को अब,हुक्मरानों का Read More
गीतिका/ग़ज़ल *जयकृष्ण चाँडक 'जय' 07/05/202507/05/2025 ग़ज़ल देख ली रात उसने सिंदूरी,देश की ज़ात उसने सिंदूरी। काम आई न खोखली धमकी,पाई है घात उसने सिंदूरी। जीत के Read More
गीतिका/ग़ज़ल *जयकृष्ण चाँडक 'जय' 24/04/202529/04/2025 ग़ज़ल जान लाओ, शरीर ले आओ,साथ में पर ज़मीर ले आओ। मार रक्खा है सिकंदर मन में,ढूंढ कर इक फ़कीर ले Read More
गीतिका/ग़ज़ल *जयकृष्ण चाँडक 'जय' 21/03/202521/03/2025 ग़ज़ल मिलने की है रात अलग।रब की है सौगात अलग। एक तरफ तन्हाई भी,एक तरफ बरसात अलग। इसकी, उसकी, सबकी पर,तेरी Read More