गीत – हृदय चेतना लायें
नीर झील का हुआ विषैला, किसको अपनी व्यथा सुनाएं।। यहाँ विदेशी सुंदर पक्षी, आकर सबका मन बहलायें। मीठा खारा नीर
Read Moreनीर झील का हुआ विषैला, किसको अपनी व्यथा सुनाएं।। यहाँ विदेशी सुंदर पक्षी, आकर सबका मन बहलायें। मीठा खारा नीर
Read Moreसतत कर्म करने पर मानव, सफल बने सत्कार मिले भूप भगीरथ गंगा लाये, जप तप से अधिकार मिले । बहती
Read Moreक्षण भंगुर ये जीवन अपना, नया नया कुछ काम करें। प्रेम-प्रीति के सम्बन्धों को, आज हृदय के नाम करें ।।
Read Moreप्यास प्यार की जग-मोहन ही,बुझा सके संसार की । वीणा आयी बनकर मुरली, प्यास बुझाने प्यार की ।। महक उठा
Read Moreदेश समूचा सदा मानता, जिनका ये आभार । हुआ न बल्लभ भाई जैसा, लौह पुरुष सरदार ।। भारत में थी
Read More“रामदीन जी, क्या हो रहा है |” कुछ नहीं कृष्ण दास जी, लड़के को कंपनी दोगुना पॅकेज का आँफर देकर
Read Moreपैसे लेकर बेचते, जो भी अपना वोट, जरा स्वार्थ में दे रहे, लोकतंत्र को चोट | अपराधी को वोट दे,
Read Moreपढ़ती बाला आस जगाती, भावी कल इनका होगा सैनिक अपने पहरा देते, मान इन्हें देना होगा | कही क्रोध है
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