गीत – जीने का आधार मिले
सतत कर्म करने पर मानव, सफल बने सत्कार मिले भूप भगीरथ गंगा लाये, जप तप से अधिकार मिले । बहती
Read Moreसतत कर्म करने पर मानव, सफल बने सत्कार मिले भूप भगीरथ गंगा लाये, जप तप से अधिकार मिले । बहती
Read Moreक्षण भंगुर ये जीवन अपना, नया नया कुछ काम करें। प्रेम-प्रीति के सम्बन्धों को, आज हृदय के नाम करें ।।
Read Moreप्यास प्यार की जग-मोहन ही,बुझा सके संसार की । वीणा आयी बनकर मुरली, प्यास बुझाने प्यार की ।। महक उठा
Read Moreदेश समूचा सदा मानता, जिनका ये आभार । हुआ न बल्लभ भाई जैसा, लौह पुरुष सरदार ।। भारत में थी
Read More“रामदीन जी, क्या हो रहा है |” कुछ नहीं कृष्ण दास जी, लड़के को कंपनी दोगुना पॅकेज का आँफर देकर
Read Moreपैसे लेकर बेचते, जो भी अपना वोट, जरा स्वार्थ में दे रहे, लोकतंत्र को चोट | अपराधी को वोट दे,
Read Moreपढ़ती बाला आस जगाती, भावी कल इनका होगा सैनिक अपने पहरा देते, मान इन्हें देना होगा | कही क्रोध है
Read More(1) पाखण्डी पाखण्ड का, रखे न कोई लेख सट्टे के बाजार में, लेखा जोखा देख । लेखा जोखा देख, लुटे
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