शीश झुका करते सम्मान
आजादी का अलख जगाने, जिनके था दिल में अरमान ।उन सब वीर शहीदों का हम, शीश झुका करते सम्मान ।।
Read Moreआजादी का अलख जगाने, जिनके था दिल में अरमान ।उन सब वीर शहीदों का हम, शीश झुका करते सम्मान ।।
Read Moreजो कल थे वे आज नहीं है,आनी है सबकी बारी ।हम भी काम करे कुछ ऐसे, याद करें दुनिया सारी
Read Moreपढा-लिखाकर राह दिखाये, देते हमको समुचित ज्ञान ।शिक्षा देकर योग्य बनाये, माने उसको जगत सुजान ।। मान बढाते हैं शिक्षक
Read Moreअक्षुण्ण मिलेगा ज्ञान, करना गुरु का मान,लेकर मन संज्ञान, भूख तो मिटाइए ।उगते सुंदर फूल, जिनकी रक्षा में शूल,गुरु चरणों
Read Moreदुख से प्रीत लगी है ऐसी, पलभर दूर नहीं रह पाती ।रीत गए आँसू नयनों के, विरहानल तन- मन झुलसाती
Read Moreसुलग रही है आग चतुर्दिक, दहशत फैली नगर नगर । कातिल बैठे घात लगाये, छीन रहे हैं सुख सारे ।
Read Moreसैकड़ों लड़कियाँ देख चुके पर तुझे कोई लड़की पसन्द ही नहीं आती । लड़की देखकर जवाब नहीं देता और दो
Read Moreफोन पर शिकायती लहजे में उमा बोली – “माँ तुम्हारी सलाह पर संयुक्त परिवार से अलग होकर मैं सुखी नही
Read Moreरहे जहाँ सुहासिनी, कभी न अन्धकार हो सफ़ेद रंग देख के, कलंक शर्मसार हो | सभी समान भाव से, रखे
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